हमरो मन लागैये दोसरके सुन्दर बनाइले
हमु चाहै चियै केकरो आवश्यक्ता बनैले
अपना उजैरके
चाहै चियै हमु दोसरके श्रृङ्गारैले
अपना असगरो रैहके
हमु चाहै चियै
दोसरके एक ठाम मिलाइले
अपना गैलके दोसरके जीवन देनाइ
साइत यहया चियै
सुन्दर जीवन ।
छै ऊ देखैले भुट
ओकरा कतेक कोइ कहैछै छोटकि
भुटकि, कनकिरबि, बितबि
लेकिन ओकर नाम चियै झिकनाठि ।
देखैले छोट छै लेकिन
काम करैछै बरका
ऊ अपना टरटर्याके कसल छै
सुखल टट्याल छै लेकिन
जरनाके एक ठाममे मिलाइने छै
जरनकरी सब मुरमे जरनाके बोझ बोकने छै
जरनाके बोझ बान्हलछै घुरीके जिनासे
जिनामे ओझरयाल छै झिकनाठि
ओह्या झिकनाठि कसैछै ताब
सैब जरनाके एकठमा बोझ बान्हाइछै ।
झिकनाठि बेगर जरनाके बोझ नै कसल जाइछै
पेराघेरा बोझ खुलैके रहैछै डर
यी छै एक बिताके
जारनके टुक्रा
जेकरा कहैछै झिकनाठि
ऊ असगरे छै लेकिन
सैब जरनाके एक ठाममे मिल्याके राखने छै
अपना श्रृङ्गार विहीन छै लेकिन
जरनाके पचियाके श्रृङ्गारने छै बोझमे ।
जिनामे ओझर्याल छै ऊ
जिना ओकर उपर हैकम जमाबक चाहिँ लेकिन
उल्टिये ऊ
जिनाके आपन वसमे राइखके
जिना उपर अधिकार जमाइने छै
जरना सबके उपरमे बैठल छै सानसे
जिनाके वशमे राखने छै
मालिक ऊ खुद बनल छै ।
चलाइने छै शासन येहेन तरिकासे
जेना लागैछै
झिकनाठि बिना जिना या जरनाके
कोनो मोल
सुन्दरता
एकता
महत्तव नै छै ।
झिकनाठिबिना,
जरना रहैछै छिरियाल
बितियाल
झिकनाठि जरनाके बोझके
कुरूप हैसे बच्याके
बनाइछै सुन्दर
ऊ जरनाके
अनाथ हैसे बचाइने छै
ऊ जरनाबे बोझके चियै
एकटा असल महताइर
जिम्मेवार अभिभावक
निस्वार्थ मित्र
कुशल शासक ।
.......
नेपाली अनुवाद
झिकनाठि
म पनि अरूलाई सुन्दर बनाउन चाहन्छु
म चाहन्छु सबैको आवश्यकता बन्न
आफू सकिएर
अरूलाई श्रृङ्गार्न चाहन्छु
आफू एक्लो भएर पनि
अरूलाई एक ठाउँमा मिलाएर
राख्न चाहन्छु
आफू गलेर
अरूलाई जीवनदान दिनु
सायद यही नै
सुन्दर जीवन हो ।
ऊ हेर्नमा छे पुन्टी
कसैले उसलाई कान्छी
पुन्टी, सानी, फुच्ची भन्छन्
तर, उसको नाम हो झिकनाठि ।
हेर्नमा फुच्ची छे तर,
ठूलो काम गर्छे
आफू ऊ बेस्सरी कसिएकी छे
सिकुटी छे तर,
दाउराहरूलाई एक ठाउँमा
राखेकी छे मिलाएर
दाउरेहरू टाउकामा बोकेका छन्
दाउराको बोझ
दाउराको बोझ बाँधिएको छ रसीले
त्यही रसीमा अल्झेकी छे झिकनाठि
झिकनाठि कसेपछि
सबै दाउराहरू बोझ बाँधिएर एक ठाउँमा समेटिन्छ ।
झिकनाठिबिना कसिएर बाँध्न सकिँदैन
दाउराको बोझ
बाटोघाटोमा दाउराको बोझ
हुन्छ खुल्ने डर
ऊ एक बित्ताकी मात्र छे
दाउराको एक टुक्री
जसलाई भनिन्छ झिकनाठि
ऊ एक्ली छे तर,
सबै दाउरालाई एक ठाउँमा समेटेकी छे
आफू श्रृङ्गारविहीन छे तर,
दाउरालाई सजाएर श्रृङ्गार भरेकी छे ।
रसीमा अल्झेकी छे ऊ
रसी उमाथि हैकम जमाउनु पर्ने तर,
उल्टै उसले रसीमाथि हैकम जमाएकी छे
दाउराको माथि बसेकी छे सानले
डोरीलाई वशमा राखेकी छे
मालिक ऊ स्वयम् बनेकी छे ।
चलाएकी छे शासन यस्तो तरिकाले
लाग्छ
झिकनाठिबिना दाउरा र डोरीको
कुनै मूल्य
अस्तित्व
सुन्दरता र
एकता नै छैन
झिकनाठिबिना
दाउरा छरिन सक्छ यताउति, जहाँतही
उसले दाउरालाई
अनाथ हुनबाट बचाएकी छे
ऊ हो दाउराको बोझको
एक असल आमा
जिम्मेवार अभिभावक
निस्वार्थ मित्र
कुशल शासक ।
प्रकाशित:
४२६ दिन अगाडि
|
२३ असार २०८२
६ दिन अगाडि
|
१५ भदौ २०८३
८ दिन अगाडि
|
१३ भदौ २०८३
८ दिन अगाडि
|
१३ भदौ २०८३
१३ दिन अगाडि
|
७ भदौ २०८३
२२ दिन अगाडि
|
२९ साउन २०८३
३४ दिन अगाडि
|
१८ साउन २०८३
३५ दिन अगाडि
|
१६ साउन २०८३
१४२५ दिन अगाडि
|
२५ असोज २०७९
१४६० दिन अगाडि
|
२१ भदौ २०७९
१४७० दिन अगाडि
|
१२ भदौ २०७९
१४२५ दिन अगाडि
|
२६ असोज २०७९
१३७४ दिन अगाडि
|
१५ मंसिर २०७९
१४३० दिन अगाडि
|
२० असोज २०७९
१३६३ दिन अगाडि
|
२७ मंसिर २०७९