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जब समुन्डरके बिच्चे बिच हमार लाउ बिल्टल

सबजाने डरके मारे लगलग लगलग करटहि । सबके जिउ ठरठर ठरठर कैटि रहे । ना रोइम ना हाँसेम हुइल रहे  । मनेम लागल आझ भगन्वा सोझ रहे ।
जब समुन्डरके बिच्चे बिच हमार लाउ बिल्टल

ओंरि टारेबेर
२०१८ नोभेम्बरके अन्टिम अँठवार । राटके ११ बजे हमार उरान हुइलक ओरसे मैं एयरपोर्ट ८ बजे ओर पुग रख्ले रहुँ । करिब आढा घन्टा भिट्टर सक्कु संघरियन जुट गइलि । टब हम्रे भिट्टर पैँठलि । हमार पुग्ना फिलिपिन्सके ‘मनिला’ टक रहे । करिब डुइ अँठवारके बैठाइ रहल ओरसे लुगरा–लट्टा भरल एकठो सुटकेस ओ खटरपटर समान बोक्ना ‘ह्यान्ड क्यारी’ रहे मोर ठन । 

हम्रे बैडेसिक टालिम ओ अवलोकन भ्रमनमे जाइटहि । हमार जम्मा १२ जन्हुनके टोलि रहे । ओकर अगवाहि संघीय मामिला तथा सामान्य प्रशासन मन्त्रालयके सहसचिव रुद्रसिंह तामाङ कैले रहिँट । हमार ‘चेक इन’ हुइल । काठमाडौसे मनिला सोझे उडान नैहुइलक कारन हमार बिचका पराव मलेसियाके क्वालालम्पुर एयरपोर्ट रहे । क्वालालम्पुरसे डोसर चिल्गारि बडलि कैना रहे । उहे मारे सक्हुन डुइ डुइठो ‘बोरिङ पास’ ठम्हा डेहल । सक्कुजने आआपन बोरिङ पास गोझ्यइलि ओ आआपन ‘लगेज एयरलाइन्स’के जिम्मा लगाके हाँठे झोला बोक्के आगे परगा नमैलि । 

नम्मा लाइनमे बैठके सुरछ्या जाँच हुइल । ‘इमिग्रेसन’मे सक्कु कागजाट डेखैना काम हुइल । सब काम निप्टाके ‘वेटिङ रुम’मे बैठलि । चिलगारि उर्ना अभिन एक घन्टा रहे । समय रलक ओरसे कोइ गफमे गफे लागल, कोइ आआपन मोबाइलमे चले लागल । मै फेन मोबाइलसे फिलिपिन्सके बारेम जानकारि लेहे लग्लुँ । 

हमार उर्ना समय हुइल चिल्गारि ओर लग्लि । आआपन सिटमे बैठलि । एकघचि परसे चिलगारि भुइया छोरल आसमान छुअल । टिसरा मुलुक गइलक मोर पहिलचो रहे । मैं बहुट हौसल रहुँ । करिब पाँच घन्टाक उरान खाइट पियट आरामसे उर्टि मलेसियक समय अनसार बिहान करिब छ बजेओर हम्रे मलेसिया उटर्लि । वहाँ फे हमार कुछ समय बिसैना रहे । करिब डुइ घन्टाके ‘टूान्जिट’ पाछे फेन मलेसियन एयरलाइन्ससे फिलिपिन्सके मनिला ओर लग्लि । ‘तकरिबन’ चार घन्टाके उरान परसे ‘मनिला एयरपोर्ट’ पुग्लि । बाहर निकर्लि टे संस्ठक मनैं ‘ओलिभर लरेन्स’ हमार कार्यालयक ‘प्ले कार्ड’ लेले बैठल रहे । पहिले फे ओलिभरसे च्याटमे, इमेलसे बाटचिट हुइल रहे । उ फे प्रसिछ्यक हुइलक ओरसे अक्के घचि सक्हुनसे हिमचिम हु गैल । गफसफ कैटि एयरपोर्टसे ‘उर्टिगास ट्वीन टावर’ होटलमे गैलि । 

रिसेप्सनमे सक्कु संघरियन आआपन नाउँ लिखैलि । जनपट्टे एक एकठो ‘पासवर्ड कार्ड’ डेहल जिहिसे कोठक डुवार खोले सेक्जाए । मोरलग यी सिस्टम फे लावा रहे ।  मनिलाके जोँइकहा (ट्वीन टावर) होटलके ४५ औ टल्लाके डिलक्स कोठामे बैठना सुविस्टा मिलाइल रहे । जहाँसे लावा डुल्हनियाँहस सँप्रल, मनिला सहरके रमझमके नजारा हेरे मिले । बैठ्ना कोठामे चाय, कफि, चिनि, पाकेटके डुढ ढैल रहे । अस्टके सन्झाके सिहरा मेटैना डु चार बोटल बियर फे छोटमोट फ्रिजमे ढैलढराइल रहे । पँजरे फोन रहे, जहाँसे घन्टि डबाके आपन मन लग्लक चिजबिज मगाइ सेक्जाए । 

हरेक कोठाक छुटे छुटे ‘पासवर्ड’ रलक ‘सेन्सर’ लागल रलक ओरसे बैठुइया पहुना सुरक्षित महसुस करे सेके वहाँ । आपन कार्डले आपन कोठा बाहेक आउर कोठामे छिर्ना असम्भव रहे । अभिन लिफ्टमे फेन आपन बैठलक टल्ला बाहेक उ कार्डले आउर टल्लाके डुवार नै खुल्ना सिस्टम बनाइल रहे । यहाँसम कि आपन संघरियनके कोठामे छिर्ना फे महा कर्रा रहे ।  पहिल रोज हमार आराम कैना डिन रहे । उ डिन होटलमे आराम कैलि ।

मनिलामे टालिम
फिलिपिन्सके राजढानि मनिलामे डोसर डिनसे हमार टालिम रहे । बैठना होटलसे अस्टे पाँच मिनेट पैडर पुगे सेक्ना ठाँउ आयोजक ‘लोकल गोभर्नमेन्ट एकाडेमी’के हलमे टालिमके सुविस्टा कैगैल रहे । एक डिन सैड्ढान्टिक विसय पर्हना, डोसर डिन फिल्ड घुमे जैना मेरके टालिका मिलाइल रहे । वहाँ जाके आपन खर्च करक लग पहिलहे अफिससे नगड मिलल रहे । 

टालिम कैना ठाउँमे मजा सुविस्टा कैल रहे । कार्यालयके हलमे रलेसे फेन कौनो फाइब स्टार होटलके सुविस्टासे कम नै रहे यहाँ । विग्य अनुभवि सिखुइयनसे टालिम लेके ढेर चिज सिखे मिले । सिखैना टरिका वयस्क सिकाइमे आढारित हुइलक ओरसे समय गैलक पटे नै चले । 

बिहानके कलवा, मिझ्नि, चाय पानिक लग टालिम हलके पँजरे चिटिक्क परल अस्ठाइ भन्सा बनाइल रहे । टाटुल, जुर सब पँजरहे सुविस्टा रहे । रोजडिन मेरमेरके फिलिपिनो खाना । समुन्डरके आँरि टिरके डेस हुइलक कारन खानामे समुन्डरके जिव सालमोन, अक्टोपस, जेलिफिस, झिँगा, गेक्टा, घोँघि टे सामान्य रहे । घोँघि, गेँक्टा नैखैलक आउर संघरियन ठनिक सिकसिक मानिट । मोर टे बचपनसे बान परल खाइट मजा लागे ।  

फिलिपिन्सके प्रख्याट खानामसे एक परिकार बालुट हो । एक डिन परिकारके लाइनमे एकठो भाँरा भरके रिझाइल आँरा बाहरसे हेर्लेसे कबरार करिया घोलघोल्हा आँरा हस बिल्गे । खासमे उहिहे जो बालुट कठाँ । हमार सहजकर्टा ओलिभर लारियन बहुट खिटहर रहे । यि खैबो टे टागुट डेहठ, मनैनहे चोटगर बनाइठ कहल । सक्कु संघरियनहे खाइक हौस्याइल । अपने फे महा मिठके खाके डेखाइल । 

मै फे लावा चिज चिखलिउँ कैह्के उठैलुँ । एकठो उस्नल बालुट फोरलुँ टे साँचामे सिर्जल भुट्लहे बच्चा रहे । सस्मे बिलोरके सर्जेहे गच्चसे खाइ पर्ना । मै फे मुहेम डरलुँ । मने महा बिस्साइन्ढ लागल, ओक्लास लक्ना मेरिक । टुरुन्टे उगिल डेलुँ । उ डिन डिनभर जिउ सुक्सुकाइल । खासमे उ बालुट हंसक् बच्चा सिर्जल अन्डा रहे, उसिनके मिठ मानके खैठाँ वहाँक मनै । फिल्डमे घुमे जाइबेर टे जहाँ हो टहाँ उहे बालुट डेखे मिले । टब पटा चलल् कि बालुट हमार नेपालके मःम हस सर्वसुलभ सबजने मन परैना परिकार हो । 

निढरख राट
एक डिन संघरियन फिलिपिन्सके राटिक जिन्गि हेरे जाइ कलाँ । मै फेन का कम, संघरयिनसंगे बेरि ओरि खाके निकर्लि । ‘मकाटी’ सहरमे ‘नाइट लाइफ’के मजा लेहे मिलठ कना बाट ओलिभर बटैले रहे । हम्रे ट्याक्सी लेके करिब आढा घन्टाके परसे मकाटी सहर पुग्लि । ट्याक्सीमसे उटरके पैडर घुमे लग्लि । 

टब्बे क्रिसमसके सिजन रहे । चारुओरे झिलिर मिलिर डिया बरल । बरे बरे क्रिसमसके रुखवा ओमहे मेरमेरिक जानवर हाँठि, घोरि, चिरैक बनाइल डिया बरल । जनावर नन्हेँ डिया फेन जिट्टि परानिहस यहोर ओहोर चलट डेखके लागे कौनो चिडियाघरमे बटि । बरे बरे गगनचुम्बि घर, ओमहे चिम्चिमियाँ डिया । बर्का चाकर सरकके आँजर पाँजर, बिच्का खालि भागमे सब झलरमलर डियाले पुरे सहर लावा डुल्हनियाँहस डख्नौस बिल्गाए । चारुओर ढिच्चुक ढिच्चुक डिस्को बाजा बजे । 

मनैनके चहलपहल डेखके राट हो कि डिन अल्गैना कर्रा । ठोरचे डुर गैलि टे ‘डान्स बार’ सुरु हुइल । हरेक बारके आगे टु पिसमे पाँट लागल एकसे एक सुन्डरिन आपन हाउभाउ डेखैटि आँख सन्क्याँइट । कोइ गफमे मस्ट, कोइ अपने अपने ठिट्ठा मारमार हाँसिट । हमार परगा आगे नम्टि गैल । आउर रकम रकमके नजारा डेखे मिलल । एकसे एक सुन्डरिनके बगाल डेखे मिल्ना । विपरिट लिंगि एकठो ठारु–जन्नि आपन आगे कामुक पहिरन ओ हाउभाउमे डेख्लेसे मोहिट हुइना स्वभाविक हो । ओइने आगन्टुक पर्यटकहे मोहिट पर्ले ।  

अट्रा सुग्घर सुग्घर बठिनियन रहिँट कि मानो स्वर्गके परिलोग राटके पिरठम्मिमे विचरन करे आइल बटाँ कनाहस । उ बेर स्वर्गमे सयर करेअस लागे । ओइनके हाउभाउ हेरके लागे, मानो वहाँ यौन बजारके मेला लागल बा । जहोर जाउ कामुक मुड्रामे  बठिनिया ठह्र्याइल । उ नजारा डेखके मन नै लल्चैना सायडे कोइ रहठुइ । 

फिलिपिन्समे यौनबजार खुल्ला टे नै हो । टब्बोपर अघोसिट रुपमे यौनबजार बहुट फस्टाइल बा कना पटा चलल् । हम्रे खालि हेरे किल वहाँ पुगल रहि । घुम्ना क्रममे संघरियन कहे लग्लाँ– यहाँ टक आइल बटि टे भिट्टर फे छिरजाइ, बाहर बाहर किल का करे घुमि । सबके सहमटि अन्सार एकठो डान्सबार भिट्टर छिर्लि । 

डान्सबार भिट्रक माहोल आउर हेरे लाइक रहे । डिस्को लाइट, सेक्सि सेक्सि गाना बजटा । उहे गानक सुरमे नर्टकि कामुक हाउभाउमे स्टिलके पोलमे लटपट लटपट कैटि नाचटा । आपन गोप्य अंग भर छोप्ले, बाँकि सब अल्गट्ठे । 

डान्सबार भिट्रक माहोल आउर हेरे लाइक रहे । डिस्को लाइट, सेक्सि सेक्सि गाना बजटा । उहे गानक सुरमे नर्टकि कामुक हाउभाउमे स्टिलके पोलमे लटपट लटपट कैटि नाचटा । आपन गोप्य अंग भर छोप्ले, बाँकि सब अल्गट्ठे । 

हम्रे एकठो सोफामे बैठलि । टब आगैलाँ डुइठो लँवरियन अर्डर लेहे । सक्कुजने एक एकठो फुच्चे बियर ओ खास भुख नै लागल रहे टब्बोपर बियर छिराइक लग ओर्सि फेन्च फ्राइ अर्डर कैलि । हमार अगहवा अर्डर स्लिपमे सहि कैल । वेटर लँवरिया एकघचिक परसे खैना पिना लानल । 
ओहोर स्टेजमे आपन गानामे पालिक पाला एकसे एक सुन्डर बठिनियनके नाच जारि रहिन । वेटर लँवरियन संगे आके बैठ्ना, गफ सफ कैना टे सामान्य रहे । मने कौनो चिजमे जवरजस्टि नै कैना मजा बान । आपन जट्रा मन लागल अर्डर कैना खैना, नैमन रलेसे नाच हेर्ना ओ जैना । कुछ ठप अर्डर करे परल टे अर्डर स्लिपमे आपन सहि अनिवार्य करे पर्ना । सब हिसाब पारदर्शी रलक ओरसे ठगि हुइना डर कम ।  

पहिले महि डेखके अचम्म लागल । मनेम सोचु कि का करे सहि करुवइठाँ । मने पाछे पटा चलल ग्राहकलोग बिल टिरेबेर बिल ओ सहि कैल अर्डर स्लिप मिलान कैके भुक्टानि करे मिल्ना । यि चलन महा मजा लागल । नेपालके डान्स बारमे एक हजारके खा पिके चार पाँच हजारके बिल टिरे परलक घटना ढेउर सुन्गैल रहे । लेकिन वहाँ ना कौनो बारगेनिङ, ना कौनो चिटिङ । सब चिज पारडर्सि रना प्रचलन मन परल । फिलिपिन्सके ‘नाइट लाइफ’के भरपुर आनन्ड लेके आढा राट फे टेक्सि लेके आपन होटल ओर लग्लि । 

हैदरावादी विरयानि

सुरु सुरुमे टे फिलिपिनो खाना मजे लागल । डुइ टिन डिन परसे  फिक्कल फिक्कल खाना, विना टिना दालके उसिठ उसिठ भात खाइट खाइट सबके ठोँरह टुटगैल । मसलाह खैना बान हमार । वहाँ टे सब साडा, ना नोन ना टेल, ना टे मसाला । बासि, कलवा, मिझ्नि सब जुन भाटे खाइ पर्ना । ठन्चे हुइलेसे फेन भाट अनिवार्य रना चलन । विना डाल टिना अचारके उसिठ भाट किल खाके जिउ मिच्छा गैल । 

सबजने नेपालि खानाके खोजिमे रहि । नेपालि नै रलेसे इन्डियन खाना हुइलेसे फेन मसलहा चटपट खानाके खोजिमे रहि । एक डिन टालिमसे छुटके निकर्लि मसलहा खानाके खोजीमे । हमार टिम लिडर गुगलमे इन्डियन होटल सर्च कैलाँ । महराजा रेष्टुरेन्ट कना पटा लागल । टयाक्सीम करिब २० मिनेट लग्ना रहे । हम्रे सक्कु संघरियन ओँहरे लग्लि । 

गुगल नक्शाके इसारामे खोज्टि उ ठाउँ पुग्लि । वहाँ डाल, भाट टे कहाँ मिलि, परोठा, डोसा, नान, विरियानी अस्टे अस्टे रहे । हमार सबके रोजाइमे हैदरावादी विरयानी परल । मटन विरयानी, डहि अर्डर कैलि । बहुट डिनके खवासल सबजने डिल खोलके खैलि । भुखाइल मनैन खिर पाइलअस लागल ।  पहिल परोसन ठनचेचे रहे हबर डबर खाके अक्के घचि ओरागैल । बरा मिठ लागल फे ठपके पेटभर खैलि । लास्टमे बिल टिरेबेर जनपट्टे करिब २५ सय परल रहे । राम रे यहाँ अढाइ सयमे सिकार, भाट खैलक ओट्रा पैसा टे महा मँह्गा रहे । टब्बोपर खोजल स्वाड पैलक ओरसे डिल खुस हुइल । इ फे जिन्गिक सम्झना बन, एक छाकके ओट्रा मँहगा टिरगैल ।

                                                                                                                                                                            लेखक शत्रुघन चौधरी

जब लाउ बिल्टल
एक डिन बिहाने होटलसे बासि खाके अफिसके गारिमे सक्कु जाने लग्लि समुन्डरके सयरमे । हमारसंगे संस्ठक टिन जाने स्टाफ फे रहिँट एकठो जन्नि ओ डुइ ठारु । हमार मुकाम रहे पटंगास पालम बिच रिसोर्ट । मुकाममे जाइबेर सहरसे निकर्लि टे गाउँ आइल, गाउँ डेखके पुरुबक टराइक याड आए । ठाउँ ठाउँमे टोल चेकपोस्ट ढैल, फराक सरक, सरकके डुनु पाँजर नरिवल, सुपारिक रुखवा सोनमे सोहावन बिल्गे । 

ओस्टक बरे बरे फँटवा, कहु उरुड, कहु अरहर, कहु पर्टि खेटवा, कहुँ टिना फारम, कहुँ फुलक डिहवक सुन्डर मनमोहक ठाउँ रहे । इ सारा नजारा हेरटि करिब डुइ घन्टाके नेगाइसे हम्रे समुन्डरके ढिक्वामे रलक पालम रिसोर्ट पुग्लि । लग्गु छोटमोट बजारमे आआपन लग चाहल ‘स्विमिङ कस्टुम, अन्डरवेर खरिडलि । 

उ डिनके कार्यक्रम एडभेन्चरस नेँग्ना रहे । समुन्डरमे मोटरबोट इन्जिन लागल बनाना बोटके मजा लेना । समुन्डरमे जैनासे आगे लग्गुक रिसोर्टके स्विमिङ पुलमे लहाके एक घचिक जिउ ढिकैलि । ओकर परसे हम्रे समुन्डर ओर लग्लि । ढिक्वामे बनाना बोट लागल रहे । केरा आकार ओ रंग हुइलक ओरसे बनाना बोट नाउँ हुइल हुइहिस कना अन्मान लगैलु । 

लाउमे सिट अन्सार हम्रे १२ जाने सयर करे जाइटहि । इ लाउ मोरलग लावा रहे । आउर लाउ चापर चापर खोङ्च्यार रहठ लेकिन बनाना बोट केरा हस सिलिन्डर आकारके ट्युब ओम्हे हावा भरल । एक जाने बैठे बन्ना ठाउँ छोरके आगे पकर्ना डुइठो हट्ठा फे लगाइल रहे । 

सक्कु जाने ‘लाइफ जाकेट’ घालके बनाना बोटमे बैठलि । मै बिच्चे रहुँ । हमार बगालमे डुइ जाने जन्नि फे रहिँट । भडभडियामे बैठेअस डुनुओर टंगरि कैके बैठे पर्ना । सक्कुजे हट्ठा पकरके अरगरके लाउपर बैठलि । उ लाउहे टानक लग डोसर मोटर बोट रहे आपन पाछे लसरि बाँढके हमार लाउहे टाने लागल । 

समुन्डरमे साहासिक खेल पहिलचो खेलटहि, सक्कु जाने हौस्याइल रहि । जस्टे लाउ मचे ओस्टे मजा आए । हम्रे जट्रे हल्ला करि, चिल्लाइ ओट्रे चलुइयैहे फे जोस आइस काहुन्, मन्के एक्सिलिटर डबाए ओ उर्ना मेरके डौराए ।

समुन्डरमे साहासिक खेल पहिलचो खेलटहि, सक्कु जाने हौस्याइल रहि । जस्टे लाउ मचे ओस्टे मजा आए । हम्रे जट्रे हल्ला करि, चिल्लाइ ओट्रे चलुइयैहे फे जोस आइस काहुन्, मन्के एक्सिलिटर डबाए ओ उर्ना मेरके डौराए । जट्रे जोरसे डौरे ओट्रे आउर हम्रे सबजे जोर जोरसे चिल्लाइ । लाउ अट्ना टेजसे जाए कि लाउ पानिक सटहसे उप्पर फे उरजाए । 

मै टे टिन जन्हुनके पाछे रहुँ मने अरगर लागे पछिल्का मनैं कबुकाल हाँठ छोरल कलेसे कहाँ गिरल कहाँ नै पटे नै चल्ना मेरके टेजके डौरे । लाउ डौरसे पानिक छल्का छुटे ओ सबके जिउमे छर्र छर्र परे, टब आउर मजा आए । सबजे फे जोस्साके हुटिंग करि । आहा, अट्ना मजा आए कि लागे जिन्गिके सबसे मजा डिन रहे उ । मुहेम पानि फेन छिरे, समुन्डरके पानि नोनखल्लाहे नोनखल्लाह । 

करिब ५ किलोमिटरके डुर टक जैना डग्गर रहिस, उहे डग्गरमे हम्रहिन चार पाँच चक्कर लगाइल । जब अन्टिम फेरा रहे, हम्रे घुमटहि डौर टुफान रहे । लाउ अभिन समुन्डरके बिच्चे रहे । सिढा जैटि जैटि चलुइया एकफाले हैन्डिल उल्टाओर घुमा मारल । हमार लाउ फट्टसे बिलिट गैल । जब समुन्डरमे लाउ बिल्टल, टब साटो हेराइलहस लागल । 

एक घचिक आघक उ जोस जाँगर, उमंग, उल्लास सब समुन्डरमे मिलगैल, माहोल अक्के घचिक सन्नाटामे बडलगैल । अफरा टफरि मचगैल । लाउ अल्गे, मनै अल्गे । सक्कुजे समुन्डरमे उटमुट उटमुट करे लग्लि । उ समयमे महि लागल, आब अट्रै हो जिन्गि । एक घचिक सारा चिज अन्ढार हु गैल । 

जब अचानक डुर्घटना हुइठ टे कौनो चिजके औसान नै आइठ । मै पानिम पौँरहे टे जन्ले रहुँ, मने एक फाले बिल्टलटे हाँठ गोर कुछ नै चलल । सक्कुजे लाइफ जाकेट घल्ले रहि, उ कारन एक घचि रैह्के पानिम टुम्मा उटराइहस फुलुर फुलर उट्रा गैलि । मैं फे उट्रैलुँ, टब मोर हाँठ गोर चले लागल । छाटिसे उप्परके जिउ पानिक बाहर आउर पानिम रहे । पौंरहे लग्लु ढिरेढिरे लाउ पुग्लु । फेन हट्ठा पकरके केँहकुँह कैके लाउमे बैठलि । 

सबजाने डरके मारे लगलग लगलग करटहि । सबके जिउ ठरठर ठरठर कैटि रहे । ना रोइम ना हाँसेम हुइल रहे  । मनेम लागल आझ भगन्वा सोझ रहे, कुछ नै हुइल, भगन्वाँ बचा डेहल । नै टे काल्ह समवेदनाके समाचार बने परट, अस्टे अस्टे बाट मनमे खेले लागल । 

डुइ जाने जन्नि संघरियन, एकठो ठारु संघरिया लाउ पकरे नैसेक्लाँ, ओइने पाछे रहिँट । उहेक मारे बहुट डुर उछिटके गैल रहिँट । ओहाँेर ढिक्वा परसे हम्रहिन कोइ कोइ हेरटि रहिँट । हमार लाउ बिल्टल टे टुरुन्ट डुइठो मोटर बोट लग्गु आ गैल, संघरियनहे फेन निकर्लां । हम्रि उहे बनाना बोटमे ढिक्वा ओर अइलि । पहिले आउर मचा आउर मचा कहुइया संघरियन टे आब ढिरे ढिरे लैजा कहे लग्लाँ । 

लाउ बिल्टलो पर अभिन हौस नै पुगल रहे । ओहेसे ढिक्वामे आके एकघचिक सिंगल बोट राइड कैलि । हमार संगसंगे एक जाने पन्डिट संघरिया रहे, उहिसे मन्ट्र जपके समुन्डरके आँरिटिर शान्ति पुजा कैलि । रिसोर्टमे लहा खोरके फर्छिन हुइलि । सक्कु जाने चलुइयाहे गरियइलि । 

पाछे पो पटा चलल कि उ अचानक हुइलक डुर्घटना नै रहे । वहाँ टे जान बुझके अचानक बिल्टैना चलन पो रठिन । लाउ सिंउर सेकल पुरान मनैं कहे लग्लाँ– यकर मजे इहे हो ।

पाछे पो पटा चलल कि उ अचानक हुइलक डुर्घटना नै रहे । वहाँ टे जान बुझके अचानक बिल्टैना चलन पो रठिन । लाउ सिंउर सेकल पुरान मनैं कहे लग्लाँ– यकर मजे इहे हो । पहिलेहे बटा डेलेसे फिक्कल हु जाइट कटिहुन । उहेक मारे बिन बटाइल एकचो लाउ बिल्टैठाँ । जे अप्नहे जानल टे जानल नै टे डुर्घटना मानल । हमार कलवा टयार रहे, पालम रिसोर्टमे कलवा खैलि । टब फेर मनिला ओर लग्लि । 

एशियाके सबसे भारि मल

मोर जिन्गिमे पहिलचो एशियाके सबसे भारि मलमे बजार खेल्ना मौका मिलल रहे । उ मलके नाउँ ‘मल अफ एशिया’ हो, जहाँ एक चोटिम २० हजार मनै बजार खेले सेक्ना । हम्रे फेन एकडिन समय निकारके ओहाँ घुमे गैलि । मल भिट्टर छिरलेसे कहाँ हो कहाँ । जहोर हेर्लेसे अक्केमेर बिल्गना । हम्रे करिब २ घन्टा जट्रा घुम्लि, मने एक फलाटके एक कोन्वामे किल । 

अस्टके हमार बैठना होटलके पँजरे डोसर बर्का मल रहे । उ फे बहुट बरा रहे, जहाँ हम्रे सुरुवाटि डिनमे भुलाइल रहि । हमार ठन केक्रो मोबाइल फोन नै रहे । सिमकार्ड टे लेले रहि, मने नम्बर साटासाट नै कैले रहि । टालिम ओराके कोठामे आइबेर मल घुमि कैह्के छिरलि । उ मलके नाउँ मेगा मल रहे । हम्रे नेँगट नेँगट भिट्टर जाइल कैलि मनै छुट्टि गैलाँ । 

घुमट घुमटसमय विटलक पट्टे नै मिलल । साँझके बेरि खैना समय हुइटहे हडबड हडबड निकर्ना खोजे लग्लि । घुमघुमके उहे जगा जाइ । अपने अपने हाँसि, जहाँ जाइ सबओर अक्के बिल्गे । हमार समुहमे ४/५ जाने रहि । मने केउ फे सहि डग्गर पटा लगाइ नै सेकल । हम्रहिन होटलके नाउँ याड रहे । टब गार्डसे पुँछलि टिवन टावर होटल जैना गेट कौन हो । उ हाँठले इसारा कैल, महा डुर । पुँछट पुछट बल्ले टल्ले होटल जैना गेटमे निकर्लि, टब कहाँ साँस आइल । 

ऐतिहासिक रिजाल पार्क

टालिमके डौरानम एक डिन रिजाल पार्क, मल अफ एशिया ओ ओकाडा होटलके वाटर फाउन्टेन हेरे जैना कार्यक्रम रहे । मल अफ एशिया जैना डगरेम रिजाल पार्क परलक ओरसे गारि रुकाके पार्क घुमे गैलि । पर्यटकिय छेट्रा घुमे जाइबेर अफिसके एकठो टुरिस्ट गाइड फेन रहे । हम्रहिनहे घुमैना वहाँक बारेम बटैटि भिट्टर लैगैल ।

रिजाल पार्क फिलिपिन्सके सहिड जोसे रिजालके सम्झनामे बनैलक पार्क हो । उहे जगामे उ आपन डेसके स्वटन्त्रटाके लग लरट लरट सहिड हुइल रहिँट । करिब ५८ हेक्टर ठाउँमे फैलल उ पार्क एक मेरिक ऐतिहासिक संग्रहालय फे हो । फिलिपिन्स स्वटन्त्र हुइनासे पहिले अठारौ सटाब्डिमे स्पेनके उपनिवेस रहे । अस्टके स्पेन ओ अमेरिकाके लराइके चपेटामे फे फिलिपिन्स परलक इतिहास बटिस । पाछे कुछ समय अमेरिकाके फे उपनिवेस रहे । 
सन् १९४६ मे फिलिपिन्स स्वटन्त्र हुइलक घोसना हुइल रहे । फिलिपिन्स फे बहुट लराइ कैके आजुक अवस्ठामे आइल बा । वहाँक संग्रहालय फिलिपिन्सके इतिहास बोक्ले बा । सहिडके स्मारक, लराइ खेल्लक घर, भिटामे गोलिक छर्रा लग्गक खोभल्टा, डुस्मनसे बचक लग बनाइल बन्कर, बरे बरे टोप ओ टोपके गोला अभिन जसके टस डेखे मिलठ । सहिड रिजालके विद्रोह कैलक सुरुवाटि डिनसे सहिड हुइलक टकके फोटु, मुरट, डस्टाबेज सजोग लगके ढैल बा । 

उ पार्कके भिट्टर जैनासे पहिले पहुना पर्यटकहे गुट गुट बनाके करिब १५ मिनेटके डकुमेन्टि डेखाजाइठ । उ छोट भिडियोसे पार्कके बारेमे, फिलिपिन्सके इतिहासके बारेमे बुझ्ना बहुट सजिल हुइठ । भिडियो हेरके कौटुहलटा बर्हल रहठ, ओकर पाछे सोझे ठाउँ पुगके  हेरबो टे आउर मजा आइठ । 

थरुहट क्षेत्रके जंगलवा कुटी, चखौरा थारु संग्राहालय, घोरिघोरा ताल, गढीमाइ जसिन ऐतिहासिक, ढार्मिक ठाउँमे पहुननहे छोटछोट भिडियो डेखाइ सेक्लेसे उ ठाँउक महट्व आउर बर्हाइ सेक्जाइट कना लागठ । 

हमार डेसमे फे बहुट ऐतिहासिक ढरोहर बा जस्टे कि पाटन दरबार, नारायण हिटी संग्रहालय, हनुमान ढोका आदि ऐतिहासिक ठाउँ हेरुइयनहे छोट भिडियो क्लिप डेखाइ सेक्लेसे उ ठाउँक महट्व आउर बर्हट कना हस लागठ । 

अस्टक थरुहट क्षेत्रके जंगलवा कुटी, चखौरा थारु संग्राहालय, घोरिघोरा ताल, गढीमाइ जसिन ऐतिहासिक, ढार्मिक ठाउँमे पहुननहे छोटछोट भिडियो डेखाइ सेक्लेसे उ ठाँउक महट्व आउर बर्हाइ सेक्जाइट कना लागठ । 

ओरौनि
हमार डुइ अँठवारके बैठाइ आढा टालिम लेना ओ आढा अवलोकन भ्रमन कैना हुइलक ओरसे फिलिपिन्सके नेगाइ बहुट याडगार हुइल । टालिमके डौरानमे लावा लावा सिख्खा सिखे मिलल । अस्टके वहाँक जनप्रतिनिधिन जनटन कटना मन्ठाँ कना डेखे मिलल । ‘भेलेन्जुयलक मेयर’ राटडिन जनटनके सेवम खटल वर्नन सुनगैल । हम्रे वहाँ जाके अवलोकन फेन कैलि, कार्यालयक कर्मचारि सेवाग्राहिमे बहुट सम्बेडनसिल । काम लेना सहज हुए कैह्के सक्कु फाँट अक्केठन बनाइल । हरेक फाँट सेवाग्राहिनके सुझाव लेहक लग फारम ढैल सक्कु जाने सेवा कसिन हुइल कैह्के फारममे आपन मजा नैमजा अनुभव लिखे मिल्ना, कहे मिल्ना सिस्टम मजा लागल । 

वहाँक मनैन्के चहा जिहिसे हाँसके बोल्ना ओ सक्हुन सम्मान कैना बोलि व्यवहार तारिफयोग्य लागल । सरकमे फे डग्गर काटेबेर गारिक स्पिड डुरेसे स्लो कैना, जेब्रा क्रसमे ढिरे ढिरे सवारि चलैना, बस स्टपमे बस चौँरहक लग लाइनमे बैठल रना । समग्रमे कना हो कलेसे फिलिपिन्स भ्रमनसे ढेर सिखाइ हुइल । इ भ्रमनहे एक्ठो बरा उपलब्ढिके रुपमे लेले बटुँ ।

देउखर, पिपरी, हालः कीर्तिपुर, काठमाडौं

साभारः लावा डग्गर त्रैमासिक  अंक ४८ (२०७८ काट्टिक, अग्हन ओ पुस)


 

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